Social Reformer Sant श्रीगंगानगर : कबीरपंथी संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्य रायसिंह नगर बस स्टैड पर रेहड़ी लगाकर जीवन यापन करने वाले इंद दास को जब एक खोया हुआ पर्स मिला तो उसने उस पर्स को संत रामपाल जी के तत्काल नजदीकी आश्रम में जमा करवा दिया दर्शाया कि ईमानदारी अभी भी कायम है ताकि उसके मालिक का पता लगाकर उसे वह पर्स लौटाया जा सके। पर्स में मिले दस्तावेज के आधार पर पर्स मदन राम पुत्र टीकू राम निवासी गाँव चक 8rb जिला श्रीगंगानगर का मिला।
सेवादार अशोक दास के द्वारा किसी तरह से इस भाई से संपर्क करके उसे आश्रम में बुलाकर पर्स लौटाया गया। मदन राम संत रामपाल जी के अनुयायियों की ईमान दारी देखकर बहुत प्रभावित हुआ मदन राम ने उनका बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया और संत रामपाल जी द्वारा लिखित पुस्तक जीने राह ली।<br>सेवादार अशोक दास ने बताया इस पुस्तक को पढ़कर लाखों लोग नशा चोरी जारी रिशवत खोरी आदि जैसी अनेकों सामाजिक बुराइयों को त्यागकर देव तुल्य जीवन जी रहे हैं और समाज के अन्य लोगों को भी यह पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज जी एक समाज सुधार का कार्य कर रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए देखिए साधना टीवी प्रति दिन शाम 7:30 से 8:30 तक
